CAREER- NIRMAN KSHETRA ME BHI BHAVISHYA
निर्माण क्षेत्र में भी भविष्य
देश हो या विदेश सभी जगह बिल्डिंग इंडस्ट्री की आजकल धूम मची है। कंस्ट्रक्शन कंपनियां जहां एक ओर लोगों को बेहतर आवास सुविधाएं उपलब्ध कराती है तो वहीं युवाओं के लिए भी करियर के तौर पर नया विकल्प। निर्माण क्षेत्र में कैसे बनाएं करियर और क्या है इसमें भविष्य...
परिचय

आपकी गुणवत्ता
समस्या को सुलझाने की क्षमता, संरचनाओं एवं बाहर के कामों में रूचि, शारीरिक श्रम करने की क्षमता, बहुआयामी संरचनाओं की परिकल्पना की क्षमता, जगहों के समीकरण, गणितीय और वैज्ञानिक समस्याएं हल करने में मजा आना और तेज नजर व हर चीज करीब से जानने की उत्सुकता सिविल इंजीनियरों के कुछ मूलभूत गुण होते हैं।
अध्ययन
जहां इंजीनियर सिविल व इलेक्ट्रिकल शाखाओं से संबंधित होते हैं, वहीं निरीक्षण का काम करने वाले सिविल व इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा-धारक ही होते हैं। निर्माण प्रबंधक विभिन्न क्षेत्रों में स्नातक/परास्नातक होने के साथ-साथ निर्माण की विशेष योग्यता भी हासिल करते हैं। साइट के निरीक्षक व काम के बंटवारे पर नजर रखने वालों की भी काफी जरूरत होती है। इस पद के लिए स्नातक न्यूनतम योग्यता है। एक निरीक्षक को एक दिन में आठ घंटे की अवधि तक काम करना पड़ता है।
कोर्स
इंजीनियरिंग स्नातक या डिप्लोमाधारक जो निर्माण स्थलों पर दो वर्ष का कार्य अनुभव रखते है, ये कोर्स कर सकते हैं-
-प्रोजेक्ट प्रबंधन का स्नातकीय डिप्लोमा।
छह माह का सर्टिफिकट कोर्सः
- निर्माण ठेका प्रबंधन
- निर्माण उपकरण प्रबंधन
- निर्माण में गुणवत्ता प्रबंधन
- निर्माण में सुरक्षा प्रबंधन
- स्थल कर्मी प्रबंधन
- भवन रख-रखाव प्रबंधन
प्रमुख संस्थानः
-पर्यावरण योजना एवं तकनीकी केंद्र (सी.ई.पी.टी.) कस्तूरबा लाल भाई कैंपस, अहमदाबाद-380009
-एनआईसीएमएआर पुणे कैंपस, 25/1, बेल्लारी, एनआईए पोस्ट ऑफिस, पुणे- 411045
-एनआईसीएमएआर ट्रस्ट कार्यलय, बालचंद केंद्र, तारदेव सड़क, मुंबई- 400034
-एनआईसीएमएआर, 7, विट्ठल राव नगर, माधोपुर, हैदराबाद- 500033
-एनआईसीएमएआर, डी/2, बसंत कुंज, नई दिल्ली।
रोजगार
निर्माण प्रबंधन आमतौर पर भवन निर्माण, औद्योगिक निर्माण, हाईवे निर्माण, नगर निगम संबंधी और जनकार्यों के प्रोजेक्ट व वन निर्माण में विशिष्टता रखते हैं। कंस्ट्रक्शन कार्यों में सहायक प्रोजेक्ट अधिकारी, सर्वेक्षणकर्ता (सर्वेक्षण के अन्य क्षेत्र-भूमि सर्वेक्षण, जल स्तर सर्वेक्षण, खनन सर्वेक्षण, भवन व समान की लागत सर्वेक्षण) सहित अन्य लोगों की काफी डिमांड होती है। किसी भी कंस्ट्रक्शन में मजदूर से लेकर संबंधित विशेषज्ञ तक अपनी सेवा देते हैं जिसके लिए उनके कार्यों के अनुरूप योग्यता का होना आवश्यक है।
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